ट्रांसपोर्टर यूनियन और स्टील चैंबर ने सांसद विजय बघेल से की मुलाकात,BSP गेटों की समस्याओं पर..!
अनिता मिश्रा/दीपक कुमार। विशेष संवादाता

भिलाई नगर। भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) के विभिन्न गेटों पर ट्रकों की आवाजाही, डिस्पैच और परिवहन व्यवस्था में आ रही समस्याओं को लेकर भिलाई ट्रक ट्रेलर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन एवं स्टील चैंबर भिलाई के प्रतिनिधिमंडल ने दुर्ग सांसद विजय बघेल से उनके निवास पर मुलाकात की। ट्रांसपोर्टरों ने VTS (व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम), सर्वर की तकनीकी दिक्कतों, वाहनों की एंट्री-एग्जिट में देरी और गेटों पर प्रवेश व्यवस्था से जुड़ी समस्याएं रखीं। समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए सांसद विजय बघेल ने BSP के CEO चित्तरंजन महापात्रा से तत्काल चर्चा की। उन्होंने CISF DIG चंदन झा से भी फोन पर बातचीत कर गेटों पर ट्रांसपोर्टरों को हो रही परेशानियों से अवगत कराया और जल्द समाधान की आवश्यकता जताई।
एसोसिएशन के अनुसार, रोलिंग मिल गेट पर पहले प्रतिदिन 120 से 130 गाड़ियां प्रवेश करती थीं, जो अब घटकर 50 से 60 रह गई हैं। डिस्पोजल गेट पर पहले 60 से 65 वाहनों की आवाजाही होती थी, जबकि वर्तमान में 25 से 30 गाड़ियां ही पहुंच पा रही हैं। इसी तरह बोरिया गेट पर पहले 105 से 110 वाहनों की तुलना में अब करीब 70 से 80 गाड़ियों को ही प्रवेश मिल रहा है। एसोसिएशन का कहना है कि इससे डिस्पैच और परिवहन कार्य प्रभावित हो रहा है प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि VTS और सर्वर में बार-बार तकनीकी समस्या आने से वाहनों की एंट्री और निकासी में देरी होती है। गेटों के आसपास पर्याप्त पार्किंग नहीं होने से भी परेशानी बढ़ती है। ट्रांसपोर्टरों ने खाली वाहनों के प्रवेश और लोडेड वाहनों की निकासी के लिए अलग व्यवस्था, अतिरिक्त गेट, ऑटोमेशन चेकिंग सिस्टम तथा लोडिंग के बाद दस्तावेज तैयार करने की प्रक्रिया तेज करने की मांग की। बैठक में स्टील चैंबर की ओर से पवन अग्रवाल, विष्णु अग्रवाल और दिनेश अग्रवाल उपस्थित रहे। वहीं ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन की ओर से अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह छोटू, कार्यकारी अध्यक्ष अनिल चौधरी, महासचिव मलकीत सिंह, संरक्षक महेंद्र सिंह, बलजिंदर सिंह, कोषाध्यक्ष जोगा राव, सचिव शाहनवाज कुरैशी सहित मुन्ना सिंह, उमेश सिंह, दिलीप खटवानी, रिज्जु सिंह, विक्रम अग्रवाल, अमित सिंह, गजेंद्र साहू, सुधीर सिंह, मोनी, अरविंद, चलपत राव, आनंद सिंह, गुरप्रीत सिंह, प्रशांत एवं अन्य सदस्य मौजूद रहे। एसोसिएशन ने उम्मीद जताई कि सांसद की पहल पर BSP प्रबंधन और CISF के समन्वय से तकनीकी एवं परिचालन संबंधी समस्याओं का जल्द समाधान होगा। इससे ट्रांसपोर्टरों को राहत मिलने के साथ संयंत्र में वाहनों की आवाजाही और डिस्पैच व्यवस्था को गति मिल सकेगी।
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