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बाल संरक्षण पर कलेक्टर अभिजीत सिंह सख्त रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर जल्द स्थापित होंगे चाइल्ड हेल्प डेस्क — बाल सुरक्षा को लेकर दिए कड़े निर्देश

दीपक कुमार। विशेष संवाददाता

दुर्ग। जिले में बाल संरक्षण और बाल अधिकारों की सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने महिला एवं बाल विकास विभाग की बैठक लेकर विभिन्न समितियों की कार्यप्रणाली की विस्तृत समीक्षा की।

बैठक में बाल देखरेख संस्थाएं, किशोर न्याय व्यवस्था, चाइल्ड हेल्पलाइन, बाल विवाह की स्थिति, और सखी वन स्टॉप सेंटर की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई।

 

बाल विवाह मुक्त जिला बनाने के लिए ठोस कार्ययोजना

 

कलेक्टर श्री सिंह ने बताया कि राज्य सरकार ने वर्ष 2025-26 तक 40 प्रतिशत बाल विवाह मुक्त जिले का लक्ष्य तय किया है। दुर्ग जिले में अब तक कोई बाल विवाह का मामला दर्ज नहीं हुआ है।

उन्होंने अधिकारियों को सतर्क निगरानी रखने और प्रभावी जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए, ताकि बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।

 

किशोर न्याय एवं बाल कल्याण समितियों की कार्यवाही में तेजी लाने के निर्देश

 

बैठक में बताया गया कि किशोर न्याय बोर्ड में 237 और बाल कल्याण समिति में 118 प्रकरण लंबित हैं।

कलेक्टर ने निर्देश दिए कि इन सभी मामलों का शीघ्र निपटारा किया जाए और बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि वीसी (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग) सेट को जल्द ही बाल सम्प्रेक्षण गृह में स्थानांतरित किया जाए, ताकि बच्चों को कोर्ट पेशी के लिए दूसरे जिलों में न भेजना पड़े और प्रक्रिया ऑनलाइन ही पूरी हो सके।

 

 

 

रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर होंगे चाइल्ड हेल्प डेस्क

 

शासन के निर्देशानुसार जिले के रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर चाइल्ड हेल्प डेस्क स्थापित किए जाएंगे।

कलेक्टर श्री सिंह ने दोनों स्थानों पर उपयुक्त स्थल चिन्हित कर जल्द डेस्क शुरू करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि यह पहल सड़क या स्टेशन पर असहाय बच्चों की त्वरित सहायता के लिए अत्यंत आवश्यक है।

 

नशामुक्ति केंद्र की स्थापना का प्रस्ताव

 

कलेक्टर ने नाबालिग बच्चों में बढ़ती नशा प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त की और नशामुक्ति केंद्र की स्थापना हेतु संचालनालय को प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए।

 

बालगृहों और योजनाओं की समीक्षा

 

महिला एवं बाल विकास अधिकारी श्री जाम्बुलकर ने बताया कि जिले के शासकीय और अशासकीय बालगृहों, विशेष गृहों और आश्रय गृहों में कुल 108 बालक-बालिकाएं निवासरत हैं।

कलेक्टर ने इन संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर संतोष व्यक्त किया और निर्देश दिए कि 18 वर्ष पूर्ण कर चुके बच्चों को “मुख्यमंत्री बाल उदय योजना” का लाभ शीघ्र दिलाया जाए।

अब तक इस योजना से शेख शहबाज अंसारी को लाभान्वित किया गया है।

 

सखी वन स्टॉप सेंटर की समीक्षा

 

कलेक्टर ने सखी वन स्टॉप सेंटर की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की और मानसिक रूप से अस्वस्थ महिलाओं के स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें ग्राम सेंदरी मानसिक चिकित्सालय भेजने के निर्देश दिए।

 

बैठक में शामिल अधिकारी

 

बैठक में अपर कलेक्टर श्रीमती योगिता देवांगन, नगर निगम दुर्ग कमिश्नर श्री सुमित अग्रवाल, परियोजना समन्वयक श्री चंद्रप्रकाश पटेल, एएसपी श्रीमती पदमश्री तवर एवं जिला बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

Deepak

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