मनरेगा से दुर्ग जिले में 74 हजार से अधिक श्रमिकों को रोजगार 3923 निर्माण कार्यों से गांवों में बढ़ा रोजगार, जल संरक्षण को मिल रही मजबूती
अनिता मिश्रा/ दीपक कुमार। विशेष संवादाता

दुर्ग। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत दुर्ग जिले में ग्रामीण श्रमिकों को लगातार रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। वर्तमान में जिले में प्रतिदिन 74 हजार 128 श्रमिक विभिन्न निर्माण कार्यों में कार्यरत हैं। जिले की ग्राम पंचायतों में कुल 3923 निर्माण कार्य संचालित किए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के साथ-साथ जल संरक्षण एवं अधोसंरचना विकास को भी गति मिल रही है। जनपद पंचायतवार आंकड़ों के अनुसार जनपद पंचायत दुर्ग में 1048 कार्यों के माध्यम से 15 हजार 908 श्रमिक, धमधा में 1687 कार्यों में 30 हजार 855 श्रमिक तथा पाटन में 1188 कार्यों में 27 हजार 365 श्रमिक रोजगार प्राप्त कर रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में अमृत सरोवर निर्माण, तालाब गहरीकरण, डबरी निर्माण, वाटर हार्वेस्टिंग टैंक तथा कच्ची सिंचाई नाली निर्माण जैसे कार्य प्राथमिकता से कराए जा रहे हैं।कलेक्टर अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी बजरंग कुमार दुबे के निर्देशन में सभी ग्राम पंचायतों में जॉब कार्डधारियों को रोजगार उपलब्ध कराने विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों को श्रमिकों की मांग के अनुसार तत्काल कार्य उपलब्ध कराने एवं नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जिले में अब तक 28 करोड़ 50 लाख 40 हजार रुपये की मजदूरी राशि श्रमिकों के खातों में जमा कराई जा चुकी है। इसमें जनपद पंचायत दुर्ग में 10 करोड़ 15 लाख 96 हजार रुपये, धमधा में 8 करोड़ 92 लाख 47 हजार रुपये तथा पाटन में 7 करोड़ 27 लाख 68 हजार रुपये का भुगतान शामिल है। सीईओ जिला पंचायत बजरंग कुमार दुबे ने बताया कि वर्ष 2026-27 में जिले में 288 निर्माण कार्यों हेतु 2418.86 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।
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