डीपीएस मरोदा कैंपस में प्री-टीन मॉड्यूल का आयोजन, 1000 से अधिक विद्यार्थियों को किया जागरूक
अनिता मिश्रा/दीपक कुमार। विशेष संवादाता

भिलाई। इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (आईएपी) की प्रमुख पहल प्रेसिडेंशियल एक्शन प्लान 2026 के अंतर्गत DPS MARODA Campus के जूनियर विंग में प्री-टीन मॉड्यूल पर सामुदायिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स छत्तीसगढ़, दुर्ग-भिलाई एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स और डीपीएस के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में 1000 से अधिक छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों ने सहभागिता की। कार्यक्रम आईएपी अध्यक्ष 2026 डॉ. नीलम मोहन के नेतृत्व में आयोजित हुआ। विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य श्री ए.एच. जुनजानी के मार्गदर्शन तथा जूनियर विंग की प्रधानाध्यापिका डॉ. गीता जुनजानी के सहयोग से कार्यक्रम संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. उदय कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जे.एल.एन.एच.आर.सी. एवं चिकित्सा सेवा प्रमुख, भिलाई इस्पात संयंत्र उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि 8 से 12 वर्ष की आयु बच्चों के भविष्य के स्वास्थ्य की नींव होती है। शुरुआती उम्र में जागरूकता के माध्यम से मोटापा, चिंता और स्क्रीन की लत जैसी समस्याओं की रोकथाम में मदद मिल सकती है। उन्होंने कहा कि भिलाई इस्पात संयंत्र, सेल का चिकित्सा परिवार अस्पताल की सीमाओं से आगे बढ़कर सामाजिक कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। विशिष्ट अतिथि डॉ. रजनीश मल्होत्रा, प्रदेश अध्यक्ष, आईएपी छत्तीसगढ़ ने कहा कि आज के बच्चे कम उम्र में ही यौवन संबंधी बदलावों और सहकर्मी दबाव का सामना कर रहे हैं। ऐसे में शोध आधारित प्री-टीन मॉड्यूल बच्चों को जीवन के जरूरी कौशल सिखाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। राष्ट्रीय संकाय डॉ. अरविंद सावंत ने यौवन के दौरान होने वाले शारीरिक बदलाव, विकास, संतुलित पोषण और प्रतिदिन 60 मिनट खेलकूद के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने स्क्रीन उपयोग के लिए 3S नियम समझाते हुए पढ़ाई, नींद और सामाजिक रूप से साथ भोजन करने के दौरान स्क्रीन से दूर रहने की सलाह दी।वहीं, जे.एल.एन.एच.आर.सी. की बाल रोग मुख्य सलाहकार डॉ. माला चौधरी ने भावनात्मक स्वास्थ्य, क्रोध प्रबंधन, सहकर्मी दबाव को ना कहने, आत्मसम्मान और तार्किक सोच के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बच्चों को माता-पिता एवं शिक्षकों से खुलकर बातचीत करने के लिए प्रेरित किया। इस मौके पर विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं, आयोजकगण एवं अन्य संबंधित सदस्य मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन एवं समन्वय सुश्री हेंसी पोथेन और सुश्री गौरी कुमार ने किया। अंत में डॉ. गीता जुनजानी ने आभार व्यक्त किया।
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