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आधे-अधूरे ज्ञान से सनातन और मूर्ति पूजा का अपमान बंद करें भूपेश बघेल : विजय साहू

मां बमलेश्वरी, दंतेश्वरी और महामाया के दरबार में जाने पर उठाए सवाल, आस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं

अनिता मिश्रा/दीपक कुमार। भिलाई नगर। दुर्ग में गरबा महोत्सव के दौरान हुए विवाद पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा भारतीय दर्शन और मूर्ति पूजा को लेकर दिए गए बयान पर भाजपा नेता एवं छत्तीसगढ़ क्रेडा के पूर्व सदस्य विजय साहू ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि भूपेश बघेल आधे-अधूरे ज्ञान के आधार पर सनातन संस्कृति, हिंदू आस्था और छत्तीसगढ़िया समाज की धार्मिक भावनाओं का अपमान करना बंद करें। विजय साहू ने कहा कि सांख्य दर्शन और पतंजलि योग दर्शन का हवाला देकर जनता को गुमराह करने का प्रयास उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा में ज्ञान के साथ भक्ति, साधना और समर्पण का भी विशेष महत्व है। भारतीय दर्शन की समृद्ध परंपरा को अधूरी जानकारी के आधार पर प्रस्तुत करना करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुंचाने वाला है।साहू ने भूपेश बघेल पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि उन्हें साकार स्वरूप और मूर्ति पूजा से आपत्ति है, तो वे डोंगरगढ़ स्थित मां बमलेश्वरी, बस्तर की मां दंतेश्वरी और रतनपुर की मां महामाया के दरबार में दर्शन करने क्यों जाते हैं? उन्होंने सवाल किया कि क्या धार्मिक स्थलों पर जाना केवल राजनीतिक दिखावा है। भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि भूपेश बघेल राजनीतिक लाभ के लिए सनातन प्रतीकों और धार्मिक आस्थाओं को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ भगवान श्रीराम का ननिहाल और मां भगवती की आराधना का पावन केंद्र है। यहां की जनता अपनी धार्मिक परंपराओं और संस्कृति के प्रति गहरी आस्था रखती है। विजय साहू ने कहा कि सनातन संस्कृति और श्रद्धालुओं की भावनाओं का अपमान किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने भूपेश बघेल से अपने बयानों में संयम बरतने और धार्मिक आस्थाओं का सम्मान करने की अपील की।

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