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17 दिन बाद खुले स्कूल, चहकते हुए पहुंचे बच्चे

पहले दिन बच्चों में दिखा उत्साह

कासगंज/अमांपुर 17 दिन के शीतकालीन अवकाश के बाद बुधवार को कक्षा 1 से आठ तक के स्कूल खुल गए है। चहकते हुए बच्चे पहुंचे तो शिक्षण संस्थाएं गुलजार हो उठी। क्लास रूम गुंजायमान रहे। शिक्षक-शिक्षिकाओं ने पहले दिन बच्चों का तिलक लगाकर स्वागत किया। बच्चों ने शिक्षण संस्थाओं की दहलीज पर मत्था टेका। अपने क्लास रूम और सीटों पर पहुंचकर पुरानी यादें ताजा की। अधिकतर समय छुट्टी की बातें ही होती रही। इस मौके पर बच्चे खुश दिखे। हालांकि पहले दिन स्कूलों में बच्चों की उपस्थित 70 फीसदी रही। 17 दिन बाद बच्चों की कक्षाएं लगी। बच्चों के स्कूल पहुंचने से स्कूलों में फिर से रौनक लौट आई। स्कूलों का माहौल भी बदला नजर आया। कई अभिभावकों ने शीतलहर की वजह से बच्चों को स्कूल नही भेजा तो वही कुछ छुट्टी में बाहर घूमने गए बच्चे भी स्कूल नही पहुंच पाए। बुधवार को खिली चटक धूप में उत्साह के साथ बच्चे स्कूल पहुंचे। सुबह नौ बजे से ही यूनीफार्म में स्कूल जाते बच्चों की मस्ती देखने को मिली। 17 दिन बाद खुले स्कूलों में शिक्षकों का भी उत्साह कम नहीं था। अधिकतर स्कूलों में स्कूल ग्राउंड में ही प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। निजी व सरकारी स्कूल को परिवर्तित समय से खुले। सुबह से ही धूप खिलने से मौसम भी खुशगवार हो गया। बच्चे पीठ पर स्कूल बैग लटकाए स्कूलों की तरह जाते दिखे गए। कोई पैदल तो कोई साइकिल से स्कूल जा रहा था। सुबह दस बजे से स्कूलों में प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। ठंडक से बचाव के लिए परिजनों ने बच्चों को यूनीफार्म के साथ ऊपर से गरम कपड़े भी पहना कर स्कूल भेजा। बच्चें अपने सहपाठियों से मिलकर खुश नजर आए। बैकुंठी देवी राष्ट्रीय शिशु सदन के प्रधानाचार्य जागन सिंह सोलकी ने कहा कि बुधवार से विधिवत कक्षाओं का शुभारम्भ हो गया है। एक दो दिन में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति बढ़ जाएगी। मक्खन लाल इंटर कालेज के प्रधानाचार्य रामजीलाल वर्मा ने बताया कि 17 दिन बाद स्कूल खुले है। बच्चों से मिलकर खुशी हो रही है। बच्चों के बिना स्कूल का कोई महत्व नही है। एस एन पब्लिक स्कूल के प्रबंधक डाॅ भगवान सिंह राजपूत ने बताया कि ठंड और शीतलहर का चलते बच्चों को मास्क व गर्म कपड़े पहनकर स्कूल आने के निर्देश दिए गए है। स्कूल के कक्षों के साथ पूरे परिसर की साफ-सफाई कराई गई है।

 

Deepak

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