आरएसएस ने पर्यावरण संरक्षण व समरसता पर दिया जोर
अमांपुर में गाय की महत्ता पर डाला प्रकाश

कासगंज/अमांपुर के बैकुंठी देवी राष्ट्रीय शिशु सदन में आयोजित राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ के शाखा संगम के दौरान गौ संवर्धन प्रमुख प्रधानाचार्य जागन सिंह सोलंकी ने गाय की महत्ता बताई। उन्होंने कहा कि गांव का किसान गाय चराता है। शहर का व्यक्ति कुत्ते को टहलाता है। गाय के बछड़े को संस्कृत में वत्स कहा जाता है। गाय की पूजा करने से 33 कोटि देवता प्रसन्न होते है। वही पर्यावरण संरक्षण व सामाजिक समरसता बनाने पर जोर दिया। नगर को पर्यावरण युक्त व पॉलीथिन मुक्त बनाने का भी आह्वान स्वंय सेवकों से किया गया। प्रधानाचार्य जागन सिंह सोलंकी ने स्वंय सेवकों से कहा कि स्वंय सेवक सामाजिक सद्भाव, समरसता, पर्यावरण संरक्षण, ग्राम्य विकास और कुटुंब प्रबोधन की गतिविधियों के द्वारा सांस्कृतिक भारत का निर्माण करें। संघ की शाखाओं में तीर्थ क्षेत्र सोरों का भी जागरण करें। शाखा संगम में एकल गीत रामखिलाड़ी उपाध्याय ने गाया। इस अवसर पर प्रधानाचार्य श्रीराम सोलंकी, राहुल साहू, दरवेश फौजी, कुमरलाल दरोगाजी, रामखिलाड़ी उपाध्याय, विजय सोलंकी, धीरज गुप्ता सर्राफ, चित्रर सिंह, रूद्रप्रताप सिंह, विजय प्रकाश गुप्ता, आकाश गुप्ता सर्राफ, पुष्पेंद्र वर्मा, अनंत यदुवंशी, प्रशांत आर्य, आयुष गुप्ता आदि स्वंय सेवक मौजूद थे।
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