वनवास मंचन देख भाव-विभोर हुए श्रद्धालु,वन को चले राम रघुराई, संग में सीता और लघु भाई
राम वनवास की लीला देख दर्शकों के छलके आंसू

कासगंज/अमांपुर। कस्बे के कालेज रोड पर चल रही 11 दिवसीय श्रीराम रामलीला महोत्सव के सप्तम दिवस रामलीला कमेटी के विनय प्रताप सिंह, दीपक सोलंकी, आकाश गुप्ता, वीर बहादुर, रूपेन्द्र गुप्ता ने भगवान के स्वरूपों का पूजन कर आरती उतारी। रामभक्तों के द्वारा सीतामाता का कन्यादान लिया गया। श्रीराम लीला महोत्सव मंचन में कलाकारों ने बहुत ही मनमोहक दृश्यों के बीच मंथरा-कैकई संवाद, दशरथ-कैकई संवाद, लक्ष्मण-राम संवाद और राम वन गमन की लीला का मंचन किया गया। गणेश जी की वंदना के साथ रामलीला शुरू हुई। अयोध्या का सिंहासन भगवान श्रीराम को सौंपने की तैयारी चल रही थी। सभी।अयोध्यावासी इस निर्णय से काफी खुश थे। लेकिन कैकयी की दासी मंथरा को यह बात गले नहीं उतरी। वह कैकयी को समझाती है। वह राजा दशरथ के दो वचनों की याद कैकयी को कराती है। इसके बाद कैकयी राजा दशरथ से राम को चौदह वर्ष का वनवास और भरत के राजतिलक का वचन मांग लेती हैं। पिता की आज्ञा से श्रीराम वन को चल देते हैं। उनके साथ में लक्ष्मण, माता सीता भी वन को चल देती हैं। इसे देख दर्शकों की आंखों से आंसू निकल पड़े और मन बहुत ही द्रवित था। इस मौके पर अध्यक्ष दलीप सिंह, कमल गुप्ता, रामौतार गुप्ता, बंटी गुप्ता, बालक राम, आकाश गुप्ता सर्राफ, भोला, रामसिंह शाक्य, अशोक शाक्य, आयुष गुप्ता, आदित्य गुप्ता, शशीकान्त, शनि, देव, चिराग, कान्हा आदि रहे।
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