संविधान चाहे जितना बुरा हो वह अच्छा साबित हो सकता है यदि उसका पालन करने वाले लोग अच्छे हों-नरेंद्र कुमार बंछोर
भारत का संविधान दुनिया का सबसे लंबा लिखित संविधान है-कोमल प्रसाद

दुर्ग/भिलाई। संत शिरोमणि गुरु रविदास भवन शिवाजी नगर वार्ड क्रमांक 23 खुर्सीपार भिलाई में भिलाई इस्पात संयंत्र एससी एसटी एम्पलाइज एसोसिएशन के तत्वाधान में संविधान दिवस पर परिचर्चा का आयोजन किया गया। जिसमें भारतीय लोकतंत्र में वर्तमान संवैधानिक परिस्थितियों एवं भविष्य में चुनौतियां पर चर्चा आयोजित थी।
इस दौरान सर्वप्रथम मुख्य अतिथि एवं विशेष अतिथियों के द्वारा डॉ आंबेडकर के तैलचित्र एवं गुरु रविदास के तैलचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत में संविधान के प्रस्तावना का सामूहिक पाठ किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नरेंद्र कुमार बंछोर,अध्यक्ष ऑफिसर एसोसिएशन रहे। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि बाबा साहब ने कहा था की संविधान चाहे जितना बुरा हो वह अच्छा साबित हो सकता है यदि उसका पालन करने वाले लोग अच्छे हों। उन्होंने कहा कि आज पूरा संसार भारत के बारे में एक मत होकर यह कहती है कि भारत एक मजबूत और दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है यह लोकतंत्र हमारे इस संविधान के बदौलत ही है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे एसोसिएशन के अध्यक्ष कोमल प्रसाद ने कहा कि डॉ भीमराव अम्बेडकर ने भारतीय संविधान के निर्माण में अहम भूमिका निभाई। डॉ बीआर अम्बेडकर भारतीय संविधान की प्रारूप समिति के अध्यक्ष थे। भारत का संविधान दुनिया का सबसे लंबा लिखित संविधान है, जिसके निर्माण में 2 वर्ष, 11 महीने और 18 दिन का समय लगा। 26 नवंबर 1949 को भारतीय संविधान राष्ट्र को समर्पित किया गया और 26 जनवरी 1950 में इसे लागू किया गया। इसलिए 26 नवंबर को संविधान दिवस और 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाया जाता है। संविधान भारत को एक संप्रभु, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक, गणतंत्र घोषित करता है। यह भारतीय नागरिकों को न्याय, समानता और स्वतंत्रता की गारंटी देता है और बंधुत्व को बढ़ावा देने का प्रयास करता है। भारत का संविधान सरकारी निकायों के राजनीतिक कोड, संरचना, प्रक्रिया, शक्तियों और कर्तव्यों के लिए रूपरेखा तैयार करता है और देश के प्रति नागरिकों के मौलिक अधिकार, मूल सिद्धांत और कर्तव्य प्रदान करता है। विशिष्ट अतिथि के रूप में एस के केसकर, महाप्रबंधक, आर डी देवरहा, अध्यक्ष गुरू घासीदास सेवा समिति, डा आर राम ज्वाइंट डॉयरेक्टर मेन हास्पिटल भिलाई, श्याम लाल नेगी, सहायक महाप्रबंधक, बहादुर जैसवारा, अध्यक्ष गुरू रविदास समाज संघ उपस्थित थे। कार्यक्रम में संविधान पर परिचर्चा हेतु विशेष वक्ता के रूप में की दास, एडवोकेट हाई कोर्ट बिलासपुर एवं सुश्री पुष्पा मैरिसा, एडवोकेट जिला न्यायालय दुर्ग थे । कार्यक्रम की अध्यक्षता एसोसिएशन के अध्यक्ष कोमल प्रसाद ने किया। मंच संचालन महासचिव विजय कुमार रात्रे ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन कोषाध्यक्ष अनिल कुमार खेलवार ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने एसोसिएशन के कार्यकारी अध्यक्ष चेतन लाल, उपाध्यक्ष कुमार भारद्वाज, वेद प्रकाश सूर्यवंशी, शशांक प्रसाद, संगठन सचिव परमेश्वर लाल, जोनल सचिव संत ज्ञानेश्वर गायकवाड़, कालीदास बघेल, संजय कुमार, उत्तम मंडावी, कुंज लाल ठाकुर यशवंत नेताम, उपकोषाध्यक्ष नरेश चंद्र कार्यकारिणी सदस्य धर्मपाल राम जितेंद्र कुमार भारती मुक्तानंद दास साथी महिला शक्तियों में श्रीमती कांति देवी श्रीमती नीलिमा राणा श्रीमती कामिनी श्रीमती सरिता बघेल श्रीमती उत्तर खिलवार श्रीमती ममता मांडवी श्रीमती रीना ठाकुर श्रीमती मंजू कुर्रे श्रीमती सरोज बालापाहित एवं महिलामंडली बडी संख्या में उपस्थित थे।कार्यक्रम में उपस्थित सभी वक्ताओं एवं अतिथियों का भारतीय संविधान की प्रस्तावना भेंट कर सम्मान किया गया तथा महिलाओं को भारतीय संविधान की पुस्तक भेंट कर सम्मानित किया गया। श्रीमती कामिनी पुरैना ने संविधान दिवस पर अपनी ओजस्वी कविता का पाठ किया।
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