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कासगंज: छात्र ने मिट्टी से बनाई रामदरबार की मूर्ति

कासगंज/अमांपुर। बुजुर्गों ने जो कहावत कह रखी है कि पूत के पांव पालने में ही नजर आ जाते है, वह पूर्ण यथार्थ है। इसी को चरितार्थ किया है। क्षेत्र के गांव नगला टुन्डा निवासी तेरह वर्षीय कक्षा आठ के छात्र मनोज राजपूत ने अपने हाथों और प्रयासों से श्रीराम दरबार की प्रतिमा को गढ, सजा संवार कर गांव के माता के मंदिर में स्थापित किया है। छात्र की आस्था के साथ उसकी कला को भी सराहा जा रहा है। छात्र की कला वाकई ऐसी है कि मिट्टी की ये मूरत भी बोल उठती है। दिलचस्प बात तो ये है कि मनोज राजपूत को ये कला कोई विरासत में नहीं मिली। बल्कि महज 10 वर्ष की उम्र में अपने छोटे-भाई बहनों को बहलाने के लिए मिट्टी के खिलौने बनाते-बनाते सीखा है। बता दें की प्रतिभा गरीबी की मोहताज नहीं होती। पिता नलकूप मिस्री है। परंतु उनका बालक कुछ अलग कर रहा है। जिसको देखकर लोग उसके पास खींचे चले आते हैं। अमांपुर विकास खण्ड के गांव नगला टुन्डा में कुछ ऐसा ही एक नजारा देखने को मिला है। नलकूप मिस्री कुमरपाल का 13 साल का बेटा मनोज राजपूत के पास ऐसी कला है और हाथों में जादू है कि वह आपके पलक झपकते ही बिना किन्ही संसाधनों के गुथी हुई मिट्टी से भगवान और महापुरुष की मूर्ति बना देता हैं। 13 वर्षीय मनोज राजपूत की कला वाकई ऐसी है कि मिट्टी की ये मूरत भी बोल उठती है। बालक के अन्दर श्रीराम दरबार, मां दुर्गा की प्रतिमा बनाने का गजब का जज्बा है। गांव के प्रधान कालीचरन, प्रधान बहोरी लाल, थान सिंह मिस्री, अनिल कुमार, पप्पू, सूरज पाल, बिशनू, कुमरपाल, महावीर, होरीलाल, हेतराम, कोमल, हरिसिंह, महाराज सिंह, शिव चरन, गीतम सिंह फौजी आदि ने हर्ष व्यक्त किया है।

Deepak

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