गंगा दशहरा पर सत्संग के साथ शरबत वितरण,मीठा शरबत पीकर खुश दिखे लोग
दीपक कुमार। विशेष संवाददाता

छत्तीसगढ़/भिलाई। मानव उत्थान सेवा समिति भिलाई के तत्वावधान मे पावन पर्व गंगा दशहरा के अवसर पर सद्गुरूदेव सतपाल महाराज जी की प्रेरणा से हंसयोग आश्रम मरौदा के पास राहगीरो के लिए शरबत विवरण किया गया। सत्संग कार्यक्रम मे महात्मा भुवनेश्वरी बाई ने कहा कि गंगा जो स्वर्ण की धारा थी उसे भागीरथ ने अपने तप निष्ठा और दृढ़संकल्प से जनकल्याण के लिए धरती पर ले आये। आज गंगा हिमालय से निकलकर कल कल बह रही है। गंगा किसी व्यक्ति का जाति पाति पंथ सम्प्रदाय पूछे बिना प्रत्येक प्यासे का प्यास बुझाती है। सद्भावना का संदेश देती है। हमे भी सद्भाव एवं मानवतावादी दृष्टिकोण अपनाते हुए अपना दायित्व निभाना चाहिए। आज युग परिवर्तन के लिए हमे हवा,पानी,धरती आकाश प्रकृति को नही बदलनी है। बदलना है तो मानव के कलुषित एवं चंचल मन को। मन को निर्मल करने के लिए अध्यात्म ज्ञान की आवश्यकता है ,अध्यात्म ज्ञान के लिए समय की सद्गुरू की आवश्यक है। इस अवसर पर महात्मा ह्रदयानंद जी ने बताया कि भारत को विश्व गुरू बनाने के लिए ज्ञान की जरूरत है।जिस रास्ते पर प्रभु राम,कृष्ण बुद्ध महावीर नानक देव साहेब कबीर जैसे अनेक महान पुरुष चले ,उस अध्यात्म पथ को जानना होगा। सोनी बहन जी ने भक्ति पूर्ण भजनो चौपाई के माध्यम से विचार रखे इस अवसर पर कार्यक्रम को सफल बनाने रोहित नायक ,उग्रसेन पटेल,कृष्ण कुमार साहू,श्रवण यादव,पंचराम साहू रमेश सिंघल केशव पटेल,राजेश निषाद,रूपान्शु साहू,चन्द्रशेखर अधिकारी गंगा विनायक। सुलोचना निषाद। सरिता साहू मानव सेवा दल एवं युथ विग के सदस्य गण का सराहनीय योगदान रहा।
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