एडवेंचर कैंप में छात्रों ने दिखाया साहस, पिजन शो में छत्तीसगढ़ की संस्कृति चमकी
दीपक कुमार। विशेष संवाददाता

भिलाई/रायपुर। 19वीं राष्ट्रीय जंबूरी के अंतर्गत आयोजित भव्य पिजन शो में रायपुर संभाग के छात्र-छात्राओं ने पारंपरिक परिधानों के साथ छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। बस्तर, सरगुजा और मध्य क्षेत्र की विविध पोशाक शैलियों ने कार्यक्रम में अद्भुत छटा बिखेरी। साक्षी साहू, ऋषभ, ज्योति, आरुषि शाह, अनुष्का शर्मा, गरिमा वर्मा, रिया ठाकुर, मानवी सोनी और अनुग्रह बंजारे की प्रस्तुति को विभिन्न राज्यों से आए प्रतिभागियों ने विशेष सराहना दी।
रायपुर संभाग के नेतृत्वकर्ता डॉ. अजय आर्य ने कहा कि पिजन शो केवल सांस्कृतिक प्रदर्शन नहीं, बल्कि युवाओं के लिए परंपरा, विविधता और सामाजिक समरसता को समझने का एक सशक्त माध्यम है। जंबूरी ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की जीवंत पाठशाला है, जहाँ युवा अनुशासन, सहयोग और सेवा-भाव सीखते हैं।
जंबूरी परिसर में छात्रों के लिए सरकार और केंद्रीय विद्यालय संगठन द्वारा एडवेंचर कैंप की निःशुल्क व्यवस्था की गई है। स्काईवॉक, स्काई साइकलिंग, रॉक क्लाइम्बिंग, बैलेंस वॉल, रोप एक्टिविटी, कमांडो नेट जैसी रोमांचक गतिविधियों ने छात्रों में उत्साह भर दिया।
ऋषभ ने कहा—“स्काई साइकलिंग जीवन का अनोखा अनुभव था—थोड़ा डर, लेकिन उससे बड़ा रोमांच।”
ज्योति ने कहा—“एडवेंचर कैंप ने डर पर जीतने का साहस दिया।”
साक्षी साहू के अनुसार—“जंबूरी दोस्ती, संस्कृति और सीख का सुंदर संगम है।”
आरुषि शाह ने कहा—“यह आयोजन अनुशासन और नेतृत्व की वास्तविक सीख देता है।”
करीब 300 एकड़ में फैली 19वीं राष्ट्रीय जंबूरी में देशभर से आए 45,000 से अधिक छात्र-छात्राएँ कश्मीर से कन्याकुमारी तक की सांस्कृतिक विविधता का अनुपम संगम प्रस्तुत कर रहे हैं। भाषाएँ, पहनावा, व्यंजन और लोक परंपराओं ने परिसर को राष्ट्रीय एकता की जीवंत तस्वीर बना दिया है।
एडवेंचर कैंप संचालन में केंद्रीय विद्यालय संगठन के वरिष्ठ अधिकारियों—एस.के. अग्रवाल, विजय कुमार और सोना सेठ—का सहयोग उल्लेखनीय रहा। वहीं रायपुर संभाग से छात्रों के चयन, पर्यवेक्षण और प्रबंधन में पी.बी.एस. उषा, रवींद्र कुमार, अशोक चंद्राकर और उमाशंकर मिश्र का योगदान महत्वपूर्ण रहा।
स्काउट्स एवं गाइड्स के वरिष्ठ अधिकारियों गोरा भुवन बाबू, सियाराम यादव, एस.एस.एच. जैदी, मनोज कुमार मलिक, एस.ए. अलीम, शशी पी. राजावत तथा श्रवण लाल जाट ने छत्तीसगढ़ टीम की अनुशासन और रचनात्मकता की खुलकर प्रशंसा की।
छात्रों ने कहा कि जंबूरी का हर दिन नई सीख, नया अनुभव और राज्य की पहचान प्रस्तुत करने का गर्व प्रदान करता है। यह आयोजन युवा नेतृत्व, टीम स्पिरिट, अनुशासन, पर्यावरण जागरूकता और जीवन कौशल विकसित करने का सशक्त माध्यम सिद्ध हो रहा है।
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