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छत्तीसगढ़ के 5 लाख कर्मचारियों की ‘ऐतिहासिक जीत’ : बजट में मेडिकल कैशलेस की गूंज, विधायक रिकेश सेन की पहल लाई रंग

अनिता मिश्रा। विशेष संवादाता

भिलाई से विधानसभा तक गूंजी मांग : विधायक रिकेश ने निभाया कर्मचारियों के ‘रक्षक’ का धर्म भिलाई नगर, 24 फरवरी। छत्तीसगढ़ के विधानसभा सत्र की शुरुआत के साथ ही आज प्रदेश के 5 लाख सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशियों का सैलाब सा आ गया है। छत्तीसगढ़ शासन ने बजट में छत्तीसगढ़ कर्मचारी मेडिकल कैशलेस योजना की विधिवत घोषणा कर दी है। इस बड़ी उपलब्धि के पीछे वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन की बेहद सक्रिय और संजीदा भूमिका रही है। उन्होंने न केवल दुर्ग वैशाली नगर के प्रांतीय सम्मेलन में संगठन की सराहना की थी, बल्कि कर्मचारियों के इस दर्द को सदन से लेकर शासन के गलियारों तक पूरी मजबूती से पहुंचाया, जिसका परिणाम आज सबके सामने है। 10 साथियों से शुरू हुआ था यह कारवां आपको बता दें कि छत्तीसगढ़ मेडिकल केशलेस एम्प्लाइज वेलफेयर एसोसिएशन का यह संघर्ष जून 2022 में शुरू हुआ था। महज 10 संस्थापक सदस्यों के साथ शुरू हुए इस संगठन ने तत्कालीन सरकार की उन विसंगतियों का डंट कर विरोध किया, जिसमें सिर्फ सरकारी अस्पतालों में इलाज की बात कही गई थी। संगठन की मांग थी कि कर्मचारियों को निजी अस्पतालों में भी कैशलेस सुविधा मिले, ताकि छत्तीसगढ़ स्टाफ के लिए मेडिकल कैशलेस सुविधा का वास्तविक लाभ मिल सके। रक्षाबंधन पर मुख्यमंत्री को राखी भेजना हो या पोस्टकार्ड अभियान, हर कदम पर विधायक रिकेश सेन जैसे जनप्रतिनिधियों का मार्गदर्शन और समर्थन इस आंदोलन की ढाल बना।अब न बिकेगी जमीन, न लेना होगा कर्ज: सीधे होगा मुफ्त इलाज छत्तीसगढ़ मेडिकल कैशलेस कर्मचारी कल्याण संघ के प्रांतीय संयोजक पीयूष गुप्ता ने बताया कि विधायक रिकेश सेन ने जिस तरह से इस मांग को अपना समर्थन दिया, उससे शासन पर सकारात्मक दबाव बना। अब छत्तीसगढ़ कर्मचारियों के लिए कैशलेस उपचार के लागू होने से प्रदेश के किसी भी कर्मचारी को इलाज के लिए अपनी जमा-पूंजी खत्म नहीं करनी पड़ेगी। अब न तो रीइंबर्समेंट के लिए दफ्तरों की खाक छाननी होगी और न ही ऊंचे ब्याज पर पैसा लेना पड़ेगा। विधायक के प्रयासों और संगठन की अटूट मेहनत ने आज कर्मचारियों की होली को रंगों से भर दिया है। सचिव स्तर की कार्यवाही और रिकेश सेन का विधानसभा में ‘दांव’ इस मांग ने तब सबसे ज्यादा जोर पकड़ा जब पिछले विधानसभा सत्र में विधायक सेन के माध्यम से प्रश्न लगवाए गए और सचिव स्तर पर इसकी फाइलें दौड़ने लगीं। प्रदेश अध्यक्ष उषा चंद्राकर और संरक्षक राकेश सिंह के नेतृत्व में चली इस लंबी लड़ाई में विधायक रिकेश सेन का सहयोग एक ‘गेम चेंजर’ साबित हुआ। संगठन के पीयूष गुप्ता ने याद दिलाया कि यह वही जुझारू टीम है जिसने 2019 में पुरानी पेंशन बहाल करवाई थी और आज स्वास्थ्य मंत्री व वित्त मंत्री के सहयोग से मेडिकल कैशलेस का सपना भी हकीकत बन गया है। कर्मचारियों का भरोसा बरकरार : भविष्य के लिए नई प्रतिबद्धता मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और विशेष रूप से विधायक रिकेश सेन का आभार व्यक्त करते हुए संगठन ने कहा कि यह जीत हर उस कर्मचारी की है जिसने तंत्र पर भरोसा रखा। विधायक रिकेश सेन की संगठन के प्रति संवेदनशीलता और उनके द्वारा दी गई सराहना ने जिला व विकासखंड स्तर के कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भर दी थी। आज छत्तीसगढ़ का हर कर्मचारी इस ‘ऐतिहासिक सौगात’ के लिए शासन और अपने जनसेवकों का ऋणी है। संगठन ने आह्वान किया है कि 5 लाख कर्मचारी इसी तरह एकजुट रहें, क्योंकि यह सफर अभी थमा नहीं है।

Deepak

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