फर्जी सिम कार्ड के जरिए संगठित ठगी का भंडाफोड़, 4 गिरफ्तार
दीपक कुमार ब्यूरो चीफ दुर्ग।

दुर्ग/भिलाई। थाना नेवई क्षेत्र में फर्जी सिम कार्ड के जरिए संचालित संगठित धोखाधड़ी के मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त 3 मोबाइल फोन भी जप्त किए गए हैं, जबकि एक अन्य आरोपी अब भी फरार है। मामले की रिपोर्ट 3 मई 2026 को रिसाली बस्ती निवासी 19 वर्षीय आयुष ताम्रकार द्वारा दर्ज कराई गई थी। उन्होंने बताया कि उनके परिचित ने विश्वास में लेकर उनके नाम से सिम कार्ड जारी कराया और उसे वापस न कर अन्य लोगों को सौंप दिया। जांच में सामने आया कि आरोपी टी. भार्गव राव ने प्रार्थी को मोबाइल दुकान ले जाकर उसके नाम से सिम कार्ड लिया और उसे अपने पास रख लिया। बाद में इस सिम को कमीशन के आधार पर अन्य आरोपियों को अधिक कीमत में बेच दिया गया। इस प्रकार आरोपियों ने एक संगठित नेटवर्क बनाकर सिम कार्ड का उपयोग अवैध आर्थिक लेन-देन में करना शुरू कर दिया। पुलिस ने अपराध क्रमांक 277/2026 के तहत धारा 318(4), 3(5) BNS में मामला दर्ज कर तकनीकी एवं भौतिक साक्ष्यों के आधार पर 4 मई 2026 को चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में टी. भार्गव राव (20), ज्ञानेश मंडावी (19), हर्षित साहू (21) और दीपक प्रजापति (20) शामिल हैं। सभी आरोपी भिलाई एवं आसपास के क्षेत्रों के निवासी हैं। पुलिस के अनुसार, इस नेटवर्क के जरिए सिम कार्ड को क्रमवार अधिक कीमत पर बेचते हुए अवैध लेन-देन किया जा रहा था। मामले में संलिप्त एक अन्य आरोपी फैजान कुरैशी फरार है, जिसकी तलाश जारी है। सभी गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है। इस कार्रवाई में उप निरीक्षक सुरेन्द्र तारम, आरक्षक रवि बिसाई, प्यारे लाल साहू, शाहबाज खान एवं एसीसीयू भिलाई टीम की सक्रिय भूमिका रही।
पुलिस की अपील: दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने नाम से सिम कार्ड या दस्तावेज किसी अन्य को उपयोग के लिए न दें। ऐसा करने पर वे स्वयं भी कानूनी जटिलताओं में फंस सकते हैं। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।
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