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जल संरक्षण और रोजगार को दुर्ग जिले में मिली रफ्तार, मनरेगा के 492 कार्य स्वीकृत हर पंचायत में रोजगार उपलब्ध कराने विशेष अभियान, 13 लाख मानव दिवस सृजित होंगे

अनिता मिश्रा/ दीपक कुमार। विशेष संवादाता

दुर्ग। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत दुर्ग जिले में जल संरक्षण एवं रोजगार आधारित कार्यों को प्राथमिकता देते हुए सभी ग्राम पंचायतों में व्यापक स्तर पर कार्य स्वीकृत किए गए हैं। अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी बजरंग कुमार दुबे के नेतृत्व में मांग आधारित कार्यों को तेजी से स्वीकृति प्रदान की गई है।जिला पंचायत से प्राप्त जानकारी के अनुसार वित्तीय वर्ष 2026-27 के लेबर बजट के तहत ग्रीष्मकालीन अवधि में जिले की प्रत्येक ग्राम पंचायत में शत-प्रतिशत कार्य स्वीकृत किए गए हैं। प्रथम चरण में 285 एवं द्वितीय चरण में 207 कार्य स्वीकृत हुए हैं। इस प्रकार कुल 492 कार्यों की स्वीकृति दी गई है, जिनकी कुल लागत लगभग 33.65 करोड़ रुपये है। इन कार्यों से करीब 13 लाख मानव दिवसों का सृजन होगा। मुख्य कार्यपालन अधिकारी बजरंग कुमार दुबे ने बताया कि वर्तमान में जिले में प्रतिदिन लगभग 35 हजार से 40 हजार श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका सुरक्षा को मजबूती मिली है। उन्होंने कहा कि सभी पंचायतों में पर्याप्त मात्रा में कार्य उपलब्ध हैं, जिससे श्रमिकों को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिल रहा है। मनरेगा अंतर्गत अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक पंचायत में श्रमिकों को नियमित रोजगार उपलब्ध कराया जाए तथा मजदूरी भुगतान समय पर सुनिश्चित किया जाए। मजदूरी भुगतान से जुड़ी समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए कार्यक्रम अधिकारियों एवं जनपद पंचायत स्तर के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। रोजगार सहायकों को भी प्रतिदिन श्रमिकों से संपर्क कर भुगतान संबंधी जानकारी साझा करने कहा गया है। शासन की मंशानुसार जिले में जल संरक्षण, वॉटर कंजर्वेशन, आजीविका डबरी, नए तालाब निर्माण, तालाब जीर्णोद्धार और नाला सफाई जैसे कार्यों को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि जल संकट से प्रभावित क्षेत्रों में राहत मिल सके और जल संरक्षण को बढ़ावा मिले।

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