इंद्रजीत सिंह छोटू की पहल—हादसे में पिता खोने वाले बच्चों की पढ़ाई बचाई दुख की घड़ी में बना सहारा, इंद्रजीत सिंह छोटू ने थामी मासूमों की शिक्षा की जिम्मेदारी
अनिता मिश्रा/दीपक कुमार। विशेष संवादाता

भिलाई। एक दर्दनाक सड़क हादसे में बस चालक पिता की असामयिक मृत्यु के बाद एक परिवार की खुशियाँ उजड़ गईं। हादसे के बाद परिवार गहरे आर्थिक संकट में आ गया और पीछे रह गए दो मासूम बच्चे—एक बेटा और एक बेटी—की पढ़ाई भी रुकने की कगार पर पहुंच गई। बच्चों के स्कूल की लगभग ₹90,000 की फीस बकाया थी, जिसे चुकाना परिवार के लिए संभव नहीं था। ऐसे कठिन समय में परिवार ने शिक्षा सहायता फॉर्म के माध्यम से समिति से मदद की अपील की। इस दौरान इंद्रजीत सिंह छोटू (छोटू भैया) की पहल पर समिति ने आवेदन की पूरी जांच एवं सत्यापन किया। इसके पश्चात दोनों बच्चों की शिक्षा को निरंतर बनाए रखने हेतु ₹56,620 की स्कूल फीस का भुगतान किया गया। इस सहयोग से बच्चों की पढ़ाई जारी रह सकी और परिवार को बड़ी राहत मिली। यह पहल समाज में मानवता और सहयोग की भावना का एक प्रेरणादायक उदाहरण है, जिससे यह संदेश जाता है कि कठिन समय में साथ खड़े होने से ही समाज मजबूत बनता है।
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