ब्रेकिंग न्यूज़

नवा तरिया निर्माण से गांवों में बढ़ेगा जल संरक्षण और रोजगार मनरेगा के तहत दुर्ग जिले में तेज हुए निर्माण कार्य, किसानों और महिलाओं को मिलेगा लाभ

अनिता मिश्रा/दीपक कुमार। विशेष संवादाता

दुर्ग। जिले में ग्रामीण विकास, जल संरक्षण और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मनरेगा अंतर्गत स्वीकृत नवा तरिया निर्माण कार्यों में तेजी लाई गई है। कलेक्टर अभिजीत सिंह के निर्देशन तथा जिला पंचायत सीईओ बजरंग कुमार दुबे के मार्गदर्शन में इन कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा किया जा रहा है। गर्मी के मौसम में जल संकट और भू-जल स्तर में गिरावट को देखते हुए ग्राम पंचायत बोड़ेगांव में नरवा के समीप समुदाय के लिए जल संचयन तालाब अर्थात नवा तरिया निर्माण कार्य स्वीकृत किया गया है। लगभग 19 लाख 29 हजार रुपए की लागत से निर्मित होने वाले इस तालाब में करीब 5500 घनमीटर जलभराव क्षमता विकसित होगी। कार्य के माध्यम से लगभग 6200 मानव दिवस सृजित किए जाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके विरुद्ध अब तक लगभग 500 मानव दिवस अकुशल श्रम सृजित किया जा चुका है। सीईओ बजरंग कुमार दुबे ने बताया कि नवा तरिया निर्माण कार्य मनरेगा योजना के उद्देश्यों को सार्थक करते हुए रोजगार सृजन, जल संरक्षण और ग्रामीण आधारभूत संरचना विकास का प्रभावी माध्यम बन रहे हैं। ग्राम पंचायत की सरपंच पप्पी भूपेंद्र टंडन एवं उपसरपंच रविप्रकाश ताम्रकार ने बताया कि वरिष्ठ ग्रामीणों की सहमति से स्थल चयन कर भूमिपूजन के बाद निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया है और बारिश से पहले इसे पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। मनरेगा अंतर्गत स्वीकृत राशि में से लगभग 16 लाख 29 हजार रुपए श्रममूलक मद में खर्च किए जाएंगे। तालाब निर्माण पूर्ण होने के बाद लगभग 3 हेक्टेयर क्षेत्र में बहुफसलीय सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। कार्यक्रम अधिकारी गौरव मिश्रा ने बताया कि तालाब को स्थानीय महिला स्व-सहायता समूह को हस्तांतरित किया जाएगा, जहां भविष्य में 10 से 15 क्विंटल तक मत्स्य उत्पादन की संभावना है। मनरेगा के माध्यम से ग्रामीणों को गांव में ही रोजगार मिलने से पलायन में कमी आई है तथा महिलाओं की आर्थिक भागीदारी भी बढ़ी है। जिला पंचायत द्वारा निर्माण कार्यों की गुणवत्ता एवं समय-सीमा की लगातार निगरानी की जा रही है।

Related Articles

Back to top button