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दिल्ली अग्निकांड से सबक: छत्तीसगढ़ में फायर सेफ्टी व्यवस्था की व्यापक जांच की मांग होटल, हॉस्टल व अस्पतालों में फायर सेफ्टी जांच हो, लापरवाही पर सख्त कार्रवाई जरूरी : शारदा गुप्ता

अनिता मिश्रा/ दीपक कुमार। विशेष संवादाता

भिलाई। दिल्ली में हाल ही में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद देशभर में अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर चिंता बढ़ गई है। इसी कड़ी में भाजपा झुग्गी-झोपड़ी प्रकोष्ठ की प्रदेश संवाद प्रमुख शारदा गुप्ता ने छत्तीसगढ़ के सभी होटल, हॉस्टल, अस्पताल और नर्सिंग होम में व्यापक फायर सेफ्टी जांच अभियान चलाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मानव जीवन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए। शारदा गुप्ता ने कहा कि राज्य के सभी संस्थानों में फायर एनओसी की वैधता की गहन जांच की जानी चाहिए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रत्येक भवन में आपातकालीन निकास द्वार, अग्निशमन यंत्र, फायर अलार्म और स्प्रिंकलर सिस्टम सुचारु रूप से कार्यरत हों। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाएं केवल दस्तावेजों तक सीमित रहती हैं, जबकि वास्तविक स्थिति चिंताजनक होती है। उन्होंने अवैध अतिक्रमण और संकरी गलियों को भी बड़ी समस्या बताते हुए कहा कि कई क्षेत्रों में फायर ब्रिगेड की गाड़ियां समय पर नहीं पहुंच पातीं। शिकायतों के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाए जाने से दुर्घटना की स्थिति में जान-माल का बड़ा नुकसान हो सकता है। ऐसे मामलों में संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जानी चाहिए। शारदा गुप्ता ने कहा कि फायर सेफ्टी नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त दंड, भारी जुर्माना, लाइसेंस निरस्तीकरण और आवश्यक होने पर आपराधिक कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने टोल नाकों पर छोटे अग्निशमन संसाधनों की व्यवस्था की भी मांग की, ताकि सड़क दुर्घटनाओं के दौरान आग लगने की स्थिति में लोगों की जान बचाई जा सके। उन्होंने बताया कि इस संबंध में प्रधानमंत्री कार्यालय को भी पत्र भेजा गया है। इस मांग का समर्थन रवि सिंह, विनोद उपाध्याय, कन्हैया सोनी, निशु पांडे, डॉ. रमेश श्रीवास्तव, बृजमोहन उपाध्याय, अनिल सिंह, सुभाष शर्मा, बंटी नाहर, अखिलेश वर्मा, जेपी घनघोरकर, संतोष जायसवाल, गुरनाम सिंह सहित अनेक सामाजिक एवं भाजपा कार्यकर्ताओं ने किया है। उन्होंने कहा कि किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार करने के बजाय समय रहते प्रभावी कदम उठाना ही जिम्मेदार प्रशासन की पहचान है।

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