एक सही कदम बचा सकता है जिंदगी, जेएलएन अस्पताल में सीपीसीआर की ट्रेनिंग
अनिता मिश्रा/ दीपक कुमार। विशेष संवादाता

भिलाई। जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय एवं अनुसंधान केंद्र (जेएलएनएच एंड आरसी) के एनेस्थीसियोलॉजी विभाग द्वारा मंगलवार को ओपीडी कॉम्प्लेक्स में ‘सेव ए लाइफ’ पहल के तहत हैंड-ओनली सीपीसीआर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह इस पहल का 11वां प्रशिक्षण सत्र था।
कार्यक्रम का उद्देश्य आम लोगों को हृदय संबंधी आपात स्थिति में चिकित्सकीय सहायता पहुंचने से पहले जीवन बचाने के लिए आवश्यक प्राथमिक कौशल प्रदान करना था। कार्यक्रम डॉ. उदय कुमार (सीएमओ एवं एचओएम) और डॉ. संबिता पांडा (सीएमओ) के नेतृत्व में आयोजित किया गया। प्रशिक्षण सत्र एनेस्थीसियोलॉजी विभाग की डॉ. तनुजा आनंद और डॉ. प्रिया पंकज ने संचालित किया। इस अवसर पर डॉ. उदय कुमार एवं डॉ. संबिता पांडा ने कहा कि कार्डियक अरेस्ट की स्थिति में शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे बुनियादी पुनर्जीवन तकनीक सीखें और आपात स्थिति में बिना झिझक तत्काल सहायता शुरू करें।प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को हैंड-ओनली सीपीसीआर की व्यावहारिक जानकारी दी गई। मैनिकिन के माध्यम से छाती पर दबाव देने की सही तकनीक, गति और गहराई का प्रदर्शन किया गया। प्रतिभागियों ने स्वयं अभ्यास कर जीवन रक्षक तकनीक सीखी।कार्यक्रम में बच्चों से लेकर 75 वर्ष तक के वरिष्ठ नागरिकों ने भाग लिया। इससे यह संदेश मिला कि जीवन रक्षक कौशल हर आयु वर्ग का व्यक्ति सीख सकता है। प्रश्नोत्तर सत्र में मेडिकल टीम ने सीपीसीआर से जुड़े भ्रम और आशंकाओं का समाधान किया। सेव ए लाइफ’ पहल का उद्देश्य हृदय संबंधी आपात स्थितियों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और प्रशिक्षित सामुदायिक प्रथम प्रतिक्रिया दल तैयार करना है। कार्यक्रम के अंत में लोगों से अपील की गई कि वे जीवन रक्षक तकनीक सीखें और आपात स्थिति में समय गंवाए बिना सहायता के लिए आगे आएं।
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