भिलाई: माँ जैसा उपकार करनें वाला इस दुनिया में कोई नही-विजयानंद गिरी
भगवान से संबंध जोड़ोगे तो भगवान से प्रेम हो जायेगा

दुर्ग- भिलाई: के रामनगर आजाद चौक स्थित गोवर्धन फांउडेशन के तत्वावधान में गिरजाधाम मंदिर के प्रांगण में सप्ताहिक दुर्लभ सत्संग का सातवें दिन का समापन हो गया। आपको बता कि बुधवार 7 दिसंबर को दुर्लभ संत्संग में सैकड़ों की संख्या में भक्तगण एकत्रित हुए जहां संत्संग को सुनकर भक्तगणों में काफी खुशी देखने को मिली।
प्रवचन करतें हुए विजयानंद गिरी जी महाराज ने कहा कि मानव को अगर सिद्धि चाहिए तो एक ईष्ट होने चाहिए। तिथि और मान्यतानुरूप पूजन जरूर सभी देवी-देवताओं की करे लेकिन ईष्ट केवल एक ही होना चाहिए। वर्तमान में गुरू स्वयं भगवान बनकर बैठे है। पाखंडी गुरूओं से सतर्क रहने की आवश्यकता है।
गुरू, भगवान का पिता हो सकता है लेकिन स्वयं भगवान नहीं हो सकता। जिस प्रकार किसी व्यक्ति का धन देखकर कोई दोस्ती करता है तो दोस्ती उसके धन से होता, उस मानव से नहीं उसी प्रकार भगवान को भगवान मानेंगे तो भगवता से प्रेम होगा भगवान से नहीं। भगवान से प्रेम करना है तो उनसे संसार में प्रचलित रिश्तों के अनुसार नाता जोड़े।
ईश्वर को अपना मित्र, पिता, माता, बहन मानकर उनसे नाता जोड़े तो भगवान से प्रेम होगा। इसी दौरान गोवर्धन फांउडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बृजमोहन उपाध्याय ने बताया कि सैकड़ों महिलाओं ने महाआरती में बढ़चढ़कर हिस्सा लिया। जहां श्रीकृष्ण की आरती की गई। सत्संग के वाणी को अपने समाचार पत्र, न्यूज पोर्टल के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाने में सहयोग करने वाले मीडियाकर्मियों का सम्मान किया गया। महाप्रसाद वितरण से कार्यक्रम का समापन हुआ।
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