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अस्पतालों में बढ़े आई फ्लू के मरीज, तेजी से बढ़ रहा आई फ्लू का खतरा

मौसम की मार, आई फ्लू की चपेट में आ रहे लोग

कासगंज/अमांपुर। कस्बा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर बदलते मौसम की वजह से इन दिनों आई फ्लू के मरीज तेजी से बढ़ रहे है। खासतौर पर बच्चों में ज्यादा मामले देखने को मिल रहे है। इन दिनों रोजाना 30 से 40 मरीज आई फ्लू के पहुंच रहे है। इन मरीजों को आंखों में खुजली, धुंधला दिखाई देना, आंखों में दर्द होना, जलन और आंखों से लगातार पानी आने के गंभीर लक्षण भी आमने आ रहे है। प्रभारी चिकित्सक डाॅ संदीप राजपूत का कहना है कि मौसम में नमी की वजह से फंगस इंफेक्शन फैलता है। अगर बिना हाथ धोए आंखों को बार-बार हाथ लगाते है या फिर आई-फ्लू यानी कंजक्टिवाइटिस से संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आते है तो आई फ्लू हो सकता है। वहीं जुकाम और बुखार के संक्रमण के साथ भी आई आई फ्लू फैलता है। उन्होंने बताया कि अगर बच्चे में आई फ्लू के लक्षण हैं तो उसे स्कूल न भेजें। आंखों का लाल होना, सफेद या पीला कीचड़ आना, पानी आना, सूजन, खुजली और दर्द होना आई फ्लू के लक्षण है। आई फ्लू के मरीज तीन से चार दिन में ठीक हो जाते है। आई फ्लू के बचने के लिए हाथों की साफ-सफाई रखना सबसे जरूरी है। बच्चे हाथों की साफ-सफाई का ध्यान नहीं रखते हैं, इस वजह से संक्रमण जल्दी हो जाता है।

आई फ्लू होने पर रखें ध्यान

आंखों को बार-बार साफ पानी से धोते रहें।

काला चश्मा लगाकर ही बाहर निकलना है। इससे संक्रमण तेजी से नहीं बढ़ेगा।

आंखों को बार-बार छूने से बचें।

आंखों को साफ करने के लिए टिश्यू पेपर का इस्तेमाल करें।

ज्यादा दिक्कत होने पर चिकित्सक से परामर्श लें।

फिजिशियन डाॅ गौरव तोमर ने बताया कि मौसम में बदलाव से दिक्कत बढ़ी है। आंखों में दर्द, खुजली, लालीपन व कीच आने की समस्या है। आंखों को रगड़ने से बचना चाहिए। जिस व्यक्तियों यह समस्या होती है। वह तीन लोगों को संक्रमित कर सकता है। सर्तकता व बचाव ही संक्रमण से बचाएगा। लापरवाही हुई तो संक्रमण की चपेट में आ सकते हैं।

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