ब्रेकिंग न्यूज़

बंदरों के बढ़ते आतंक से अमांपुर के लोग परेशान

बंदरों की टोलियां देख थम जाते है कदम, पकड़वाने की मांग

कासगंज/अमांपुर। कस्बा मेें बंदरों के बढ़ते आतंक से स्थानीय लोग परेशान हैं। आए दिन बंदरों के हमले से कोई न कोई घायल हो जाता है। बंदरों के झुंड के सामने से गुजरना खतरे से खाली नहीं होता। कस्बा के कालेज रोड, अम्बेडकर नगर, शास्त्री नगर में छात्रों की संख्या अच्छी खासी है। यहां सुबह से ही बंदरों की आमदा हो जाती है। बंदरों से बचाव के लिए कालेज प्रबंधन ने बकायदा लोहे की जालियां लगवाई है। इसके बावजूद बंदरों का आंतक कम नही है। इससे छात्र डरे सहमे बचते बचाते निकलते है। कस्बा का शायद ही कोई गली मोहल्ला होगा। जहां बंदरों का उत्पाद नही रहता हो। दिन के साथ साथ रात को भी गली मोहल्लों में बंदरों का जमावड़ा और रास्ते पर बंदरों का राज रहता है। बंदर आए दिन लोगों को हमला कर घायल कर देते है। ऐसे में लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। बंदर हमलावर होने के साथ ही आते जाते समय रास्ते में बंदर लोगों के हाथ से सामान तक छीन लेते है। कस्बा में दस वार्ड हैं और हर वार्ड में बंदरों के बड़े-बड़े झुंड हैं। पैदल चलने वाले कई लोग इनके झुंड को देखकर अपना रास्ता बदल लेते हैं। स्थानीय लोगों ने कहा कि कस्बे में बंदरों का आंतक इतना फैल गया है कि दुकानदार भी काफी परेशान हो चुके हैं। बंदरों की वजह से हर रोज दुकानदरों को सैकड़ों रुपयों का नुकसान होता है। कई दुकानदारों ने बंदरों से सामान बचाने के लिए दुकान पर जालियां लगा ली हैं । बंदर इतने चालाक हैं कि घर के दरवाजों की कुंडी खोलकर फ्रिज में रखा सामान ले जाते हैं। इसके अलावा बंदर सुखाने रखे कपड़े ले जाते हैं और जब तक उन्हें कुछ खाने को न दिया जाए बंदर कपड़े नहीं छोड़ते। लोगों ने यह भी कहा कि कस्बे के कुछ स्थान ऐसे हैं जहां से गुजरना हो तो हाथ में डंडा लेना पड़ता है नहीं तो बंदर हमला कर देते हैं। बंदरों के डर से लोग बच्चों को छतों पर अकेला नहीं भेजते और स्कूल भी खुद छोड़ने जाते हैं। कई बार तो लोग बंदरों के हमले में गंभीर से घायल हो चुके है। कस्बा के बारहद्वारी, गुड़मंडी, तिराहे पर बंदर बहुत ज्यादा है। यहां पर बच्चों को अकेला नहीं भेज सकते है। लोगों ने बताया कि बंदरों की वजह से आए दिन बंदर बिजली के तार, डिस के तार, काट देते है। ऐसे में लोगों भारी परेशानी होती है। कस्बा के प्रथामिक स्वास्थ्य केंद्र पर हर रोज 20 से 30 तक लोग बंदर के काटने के बाद रेबीज बीमारी से बचने के लिए पहुंचते है। कस्बा के जागन सिंह सोलंकी, रामजीलाल वर्मा, रामनरायन मित्तल, राकेश पाराशर, अवनीश सोलंकी, दरवेश फौजी, संजय सोलंकी, धीरज गुप्ता, विजयप्रकाश गुप्ता, मनोज गुप्ता, डाॅ भगवान सिंह वर्मा, नरेश बाबू, पुष्पेंद्र वर्मा, राजीव सर, रूद्रप्रताप सिंह, केशवदेव गुप्ता, शिव सिंह वर्मा, तिर्मल सिंह, आकाश गुप्ता सर्राफ, भीमसेन कश्यप, कमल सिंह, विवेक चौहान, राहुल चौहान, आयुष गुप्ता, दीपक शाक्य आदि ने नगर पंचायत से मांग की है कि बंदरों के आतंक पर काबू पाने के लिए विशेष ध्यान दिया जाए ताकि नगर में इनके आतंक पर काबू पाया जा सके।

इस समय आक्रामक है बंदर, बचकर रहें।

प्रथामिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी संदीप राजपूत ने बताया कि गर्मी की वजह से बंदर इस समय सामान्य दिनों से अधिक आक्रामक हो गए है। ऐसे में उनसे बचकर रहना ही समझदारी है।

Related Articles

Back to top button