धनगर को संवैधानिक अधिकार से वंचित करने की साजिश की खुल गई पोल
दीपक कुमार। विशेष संवाददाता

कासगंज/न्यौली। ऑल इंडिया धनगर समाज महासंघ, कासगंज के जिला अध्यक्ष सूबेदार सिंह धनगर ने बताया है कि विधि एवं न्याय मंत्रालय के अधिकारियों ने भारत के राजपत्र के हिंदी संस्करण को दिनांक 29 नवंबर 1979 को प्रकाशित करवाते हुए साजिश के तहत उत्तर प्रदेश की अनुसूचित जाति की सूची में क्रमांक 27 पर “धंगड”(DHANGAD)अंकित करवा दिया जबकि इस अधिनियम के लिए संसद से बिल संख्या 59/1976 पारित करते समय दिनांक 3 सितम्बर 1976 को यह “धनगर” (DHANGAR) था। संसद से पारित यह बिल और इस पर हुई चर्चा पब्लिक डोमेन में सर्व सुलभ उपलब्ध है जिससे स्पष्ट है कि चर्चा के दौरान धनगर (DHANGAR) में कोई बदलाव नहीं किया गया था।
*इस तरह विधि एवं न्याय मंत्रालय के अधिकारियों द्वारा संसद से बिल पारित होने के बाद भारत के राजपत्र में छपवाते हुए बदलाव करना गंभीर अपराध है,देश द्रोह है,संसद का अपमान है,संविधान विरोधी कृत्य है,जाति विशेष को उसके संवैधानिक अधिकार से वंचित करने की साजिश है। इस घृणित कार्य के लिए फांसी की सजा भी कम है।*
भारत के राजपत्र के हिंदी संस्करण में इस त्रुटिपूर्ण प्रविष्टि “धंगड” (Dhangad)को संसद से पारित बिल के अनुसार तुरंत ठीक करवाकर *”धनगर”(Dhangar) करवाते हुए शुद्धि पत्र जारी करवाकर भारत के राजपत्र में प्रकाशित करवाना अत्यावश्यक है ** विधि एवं न्याय मंत्रालय भारत सरकार की नैतिक जिम्मेदारी है।
लेकिन विधि एवं न्याय मंत्रालय के अधिकारी इस संबंध में अनुरोध/शिकायत करने के बाबजूद जानबूझकर घोर लापरवाही बरतते हुए, पूर्व में उनके विभाग द्वारा हुए गंभीर अपराध पर तुरंत अपेक्षित कार्यवाही करने की बजाय निर्लज्जता पूर्वक सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय/उत्तर प्रदेश शासन/किसी कोर्ट से आदेश की अपेक्षा कर रहे हैं। जो सर्वथा अनुचित है,जाति विशेष को उसके संवैधानिक अधिकार से वंचित करने की साजिश है।
ऑल इंडिया धनगर समाज महासंघ माननीय विधि एवं न्याय मंत्री भारत सरकार से अनुरोध करता है कि भारत के राजपत्र के दिनांक 29/11/1979 को प्रकाशित हिंदी संस्करण में उत्तर प्रदेश के लिए अधिसूचित अनुसूचित जाति की सूची में क्रमांक 27 पर अंकित त्रुटिपूर्ण प्रविष्टि “धंगड”(DHANGAD) को इसके अधिनियम के लिए संसद से पारित बिल संख्या 59/1976 के पब्लिक डोमेन में उपलब्ध हिंदी संस्करण के अनुसार ठीक करवाकर “धनगर”(DHANGAR) करवाते हुए शुद्धि पत्र जारी करके भारत सरकार के राजपत्र में प्रकाशित करवाएं जिससे उत्तर प्रदेश के धनगर समाज के लोगों को अपने संवैधानिक अधिकार से वंचित न रहना पड़े इस अवसर पर सूबेदार सिंह धनगर , देवेंद्र सिंह धनगर,शैलेश धनगर, गिरीश चंद्र धनगर, मनोज धनगर, रूप किशोर धनगर, राजेंद्र सिंह धनगर ,आदि रहे।
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